हमारे मोहल्ले में एक लड़का है – सोनू। नई-नई नौकरी लगी थी, पहली सैलरी से बाइक खरीदी। फिर क्या था ,दो हफ्ते बाद ही Bike Modify कराया और साइलेंसर बदलवा लिया। आवाज ऐसी कि गली के कुत्ते भी कन्फ्यूज़ – “ये बुलेट है या तूफान?” पहले तो सबने कहा, “भाई साहब, बिलकुल झक्कास आवाज है!” तीसरे हफ्ते पुलिस ने रोका और ₹10,000 का चालान थमा दिया। उस दिन सोनू का चेहरा देख के लगा, जैसे शादी में DJ बंद हो जाए।
चलिए आज आपको बाइक मॉडिफिकेशन से जुडी सभी प्रकर की जानकरी देते हैं और क्या कानूनी कार्यवाही हो सकती है उसकी भी जानकारी आपको देंगे।
भारत में Bike Modify को लेकर क्या कहता है कानून?
बाइक मॉडिफाई करना गलत नहीं, लेकिन इंडिया में ये खेल नियमों के साथ आता है। वरना शौक कब सिरदर्द बन जाए, पता ही नहीं चलता। भारत में वाहन संशोधन (Modification) से जुड़े नियम Motor Vehicles Act, 1988 और Central Motor Vehicle Rules (CMVR) के तहत तय किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ कहा है कि वाहन की मूल संरचना (Original Structure) में बदलाव नहीं किया जा सकता।

- बार-बार नियम तोड़ने पर लाइसेंस सस्पेंड होने का खतरा भी रहता है।
- अगर आपकी बाइक में अवैध मॉडिफिकेशन पाया गया तो ₹5,000 से लेकर ₹10,000 तक का चालान हो सकता है।
- अगर आप बड़ा बदलाव करना चाहते हैं, तो सबसे पहले RTO से अनुमति लें।
क्या-क्या मॉडिफिकेशन कानूनी हैं?
हर बदलाव गैरकानूनी नहीं होता। कुछ चीजें आप आराम से कर सकते हैं। आइये देखते हैं कौन कौन से मॉडिफिकेशन लीगल हैं:
- आप सीट कवर बदल सकते हैं, हैंडल ग्रिप बदल सकते हैं, मोबाइल होल्डर या कंपनी अप्रूव्ड एक्सेसरी लगवा सकते हैं।
- टायर बदलना भी संभव है, लेकिन उसका साइज कंपनी द्वारा दिए गए स्पेसिफिकेशन के भीतर होना चाहिए।
- RC में अपडेट करवाना जरूरी है। साथ ही इंश्योरेंस कंपनी को भी जानकारी दें, वरना क्लेम के समय परेशानी हो सकती है।
थोड़ी सी सावधानी आपको हजारों रुपये के नुकसान से बचा सकती है।
Read Also: Bike Me GPS Kaise Lagaye? बाइक में GPS लगाने का आसान तरीका और आने वाला ख़र्च
लाउड साइलेंसर – स्टाइल के चक्कर में चालान
आजकल बाजार में ऐसे एग्जॉस्ट मिलते हैं जो बुलेट जैसी तेज आवाज निकालते हैं। लेकिन Noise Pollution Rules के अनुसार तय डेसिबल लिमिट से ज्यादा आवाज वाली बाइक गैरकानूनी है। पुलिस विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करती है। कई शहरों में ₹5,000 से ₹10,000 तक का चालान काटा जा रहा है।
| क्रम | मॉडिफिकेशन / उल्लंघन | संबंधित नियम | संभावित जुर्माना (₹) | अतिरिक्त कार्रवाई |
|---|---|---|---|---|
| 1 | लाउड साइलेंसर / शोर सीमा से ज्यादा आवाज | Noise Pollution Rules + MV Act | 5,000 – 10,000 | साइलेंसर जब्त |
| 2 | इंजन बदलना / इंजन नंबर मिसमैच | MV Act Sec 52 | 10,000 तक | वाहन सीज़ संभव |
| 3 | चेसिस या बॉडी स्ट्रक्चर बदलना | Sec 52 (Structure Alteration) | 5,000 – 10,000 | RC रद्द / सीज़ |
| 4 | RC में दर्ज रंग से अलग रंग | RC Violation | 2,000 – 5,000 | RC अपडेट करवाना अनिवार्य |
| 5 | फैंसी / गलत नंबर प्लेट | HSRP Rules | 5,000 तक | नंबर प्लेट जब्त |
| 6 | लाल-नीली फ्लैशर / इमरजेंसी लाइट का गलत उपयोग | Unauthorized Light Use | 5,000 – 10,000 | लाइट हटवाना |
| 7 | अत्यधिक चौड़े या गैर-मानक टायर | Specification Violation | 5,000 तक | निरीक्षण के बाद चालान |
अगर आप बाइक को चॉपर स्टाइल में बदल देते हैं या पूरी बॉडी कटिंग करवा देते हैं, तो यह कानून के खिलाफ है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि वाहन की मूल संरचना में बड़ा बदलाव नहीं किया जा सकता।
LED लाइट, फ्लैशर और फैंसी नंबर प्लेट
कई लोग अपनी बाइक में मल्टीकलर LED, ब्लू या रेड फ्लैशर लाइट लगा लेते हैं। लेकिन ध्यान रहे, लाल-नीली लाइट केवल इमरजेंसी वाहनों (पुलिस, एंबुलेंस) के लिए होती है। इसी तरह Fancy font वाली नंबर प्लेट या स्टिकर नंबर प्लेट भी अवैध है। अब केवल HSRP (High Security Registration Plate) ही मान्य है।
निष्कर्ष: स्टाइल रखें, लेकिन कानून के अंदर
बाइक मॉडिफाई करना गलत नहीं है, लेकिन नियमों के खिलाफ जाकर करना जरूर गलत है, अगर आप चाहते हैं कि आपकी बाइक अलग दिखे, तो कंपनी-अप्रूव्ड एक्सेसरी या छोटे-मोटे बदलाव करें। याद रखिए, सड़क पर स्टाइल से ज्यादा जरूरी है सुरक्षा और कानूनी वैधता। वरना जो बाइक “झक्कास” लग रही थी वही थाने के बाहर खड़ी मिल जाएगी।

